गुरुग्राम में घर ख़रीदने वालों की सबसे आम शिकायत कब्ज़े में देरी है। भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (RERA) ख़रीदारों को सिविल मुकदमा दायर किए बिना बिल्डरों के खिलाफ सीधा, विशेष मंच देता है।
आप क्या माँग सकते हैं
- अगर आप प्रोजेक्ट में बने रहना चाहते हैं: कब्ज़ा मिलने तक देरी के हर महीने का ब्याज (धारा 18)।
- अगर आप प्रोजेक्ट से निकलना चाहते हैं: चुकाई गई रकम का ब्याज सहित रिफ़ंड।
- बिल्डर के कारण हुए नुकसान का मुआवज़ा, जिसका फ़ैसला न्यायनिर्णायक अधिकारी (Adjudicating Officer) करता है (धारा 71)।
- ढाँचागत खामियों, स्वीकृत नक्शे में बदलाव, या वादा की गई सुविधाएँ न देने की शिकायतें।
शिकायत कहाँ करें
गुरुग्राम के प्रोजेक्ट्स की शिकायत हरियाणा भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (HRERA), गुरुग्राम में दायर की जाती है। इसके आदेश के खिलाफ अपील हरियाणा भू-संपदा अपीलीय न्यायाधिकरण में होती है, आमतौर पर 60 दिन के भीतर।
ये दस्तावेज़ तैयार रखें
- आवंटन पत्र और बिल्डर-बायर एग्रीमेंट
- भुगतान की रसीदें और बैंक स्टेटमेंट, जिसमें होम लोन के वितरण शामिल हैं
- डिमांड लेटर और बिल्डर के साथ पत्राचार
- कब्ज़े का प्रस्ताव, ऑक्यूपेशन सर्टिफ़िकेट या प्रोजेक्ट पंजीकरण का विवरण, यदि हो
इसमें किस तरह सहायता मिल सकती है
आपके एग्रीमेंट और भुगतान के इतिहास की समीक्षा करके सलाह दी जाती है कि ब्याज सहित कब्ज़ा माँगें या रिफ़ंड, और RERA तथा अपील में आपकी शिकायत दायर करके उस पर बहस की जाती है।