पारिवारिक विवाद निजी और तनावपूर्ण होते हैं। लक्ष्य यह होता है कि आपके अधिकारों और बच्चों के हित की रक्षा हो, और पूरी प्रक्रिया यथासंभव शांत और निजी रहे।
आम मामले
तलाक: आपसी सहमति से, या कानूनी रूप से मान्य आधारों पर विवादित तलाक
भरण-पोषण (गुज़ारा भत्ता): पति/पत्नी, बच्चों या माता-पिता के लिए, जिसमें अंतरिम भरण-पोषण शामिल है
बच्चों की कस्टडी और मुलाकात, जिसका फ़ैसला अदालत बच्चे के हित को देखकर करती है
घरेलू हिंसा: घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत संरक्षण, निवास और आर्थिक राहत
वैवाहिक आपराधिक मामलों में बचाव, जिसमें जमानत और समझौते पर FIR रद्द कराना शामिल है
मध्यस्थता और समझौता
बहुत-से पारिवारिक मामले मध्यस्थता (मीडिएशन) से सुलझ जाते हैं, जिससे समय और तनाव दोनों बचते हैं। एक समझौते में तलाक, कस्टडी, भरण-पोषण और लंबित मामले सब एक साथ निपटाए जा सकते हैं।
इसमें किस तरह सहायता मिल सकती है
आपके विकल्प साफ़-साफ़ समझाए जाते हैं, गुरुग्राम के फ़ैमिली कोर्ट और अन्य अदालतों में प्रतिनिधित्व किया जाता है, और जहाँ संभव हो, उचित समझौते की दिशा में काम किया जाता है।
अधिवक्ताआशुतोष हंसअपने मामले की संक्षिप्त जानकारी और बात करने का सुविधाजनक समय बताएँ।
यह पेज कानून की सामान्य जानकारी है, आपकी स्थिति के लिए कानूनी सलाह नहीं। कानून और प्रक्रियाएँ बदलती रहती हैं; अपने तथ्यों पर सलाह अवश्य लें। Read this page in English